वॉशिंगटन पढ़ाई की उम्र में पर्यावरण के लिए मुहिम चलाने वाली 16 साल की को न्यू यॉर्क में बड़ा सम्मान मिला। एमनेस्टी इंटरनैशनल ने अपना सबसे बड़ा अवॉर्ड ‘एंबैस्डर ऑफ कान्शन्स’ ग्रेटा को दिया। स्वीडन की रहने वाली ग्रेटा पिछले महीने नाव से अटलांटिक सागर पार करके न्यू यॉर्क पहुंच गईं थीं। ग्रेटा ने कार्बन उत्सर्जन को बचाने के लिए विमान से जाने से मना कर दिया था। जब वह दो हफ्ते की कठिन यात्रा करके न्यू यॉर्क पहुंची तो हजारों लोग उनके स्वागत में खड़े थे। ग्रेटा पर्यावरण के लिए काम करने वाले युवाओं के बीच एक बड़ा प्रतीक बन गई हैं। इसकी शुरुआत उन्होंने स्वीडन के अपने स्कूल से की थी। वह हफ्ते के हर शुक्रवार को हड़ताल करती थीं। धीरे-धीरे उनका यह अभियान दुनिया के 100 शहरों में फैल गया। सोमवार को अवॉर्ड पाने के बाद ग्रेटा ने कहा, ‘जिस तरह की राजनीति को इस संकट से निपटना चाहिए, वह अस्तित्व में ही नहीं है। इसलिए हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह सभी संभव तरीके से जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराने के लिए दबाव बनाएं।’ समारोह में ग्रेटा को माइक्रोफोन तक पहुंचने के लिए एक सीढ़ी का सहारा लेना पढ़ा। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार सिर्फ उनका नहीं है, बल्कि उन लाखों युवाओं का है, जिन्होंने पिछले साल से लगातार हर शुक्रवार को स्कूल में हड़ताल की है।
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