नई दिल्ली संशोधन के खिलाफ तरह-तरह से प्रदर्शन जारी है। दिल्ली के जामिया और सीलमपुर में हिंसक प्रदर्शन के बाद गुरुवार को प्रदर्शन की एक अगल तस्वीर देखने को मिली। देर शाम तक पर प्रदर्शन कर रहे लोगों को उठाने के लिए पुलिस पहुंच गई। पुलिस को देखते ही प्रदर्शनकारियों ने '' गाना शुरू कर दिया। राष्ट्रगान सुनते ही किसी भी पुलिसवाले ने उन्हें हाथ तक नहीं लगाया। सभी पुलिसवाले भी सावधान होकर प्रदर्शन करने वालों के साथ राष्ट्रगान गाने लगे। गुरुवार को रायसीना मार्ग और संसद मार्ग के बीच का रोड प्रदर्शनकारियों के हुजूम से भर गया था। 3 हजार से अधिक युवा और सीनियर सिटिजन वहां जमा हो गए थे। आइसा, सीपीआई, सीपीएम, केवाईसी के अलावा जेएनयू, जामिया मीलिया इस्लामिया, दिल्ली यूनिवर्सिटी, ऐमिटी यूनिवर्सिटी और पूर्वोत्तर राज्यों के स्टूडेंट्स नारेबाजी कर रहे थे। प्रदर्शन में लगभग सभी के हाथ में नारे लिखी तख्तियां थी। कई ग्रुप में बंटकर वे विरोध की आवाज बुलंद कर रहे थे। हिरासत में लिए गए छात्र ने कहा- जो मिली उसी को पकड़ ले गई पुलिस जंतर मंतर पर देर शाम प्रदर्शन में शामिल दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्र अंकित यादव ने बताया कि कानून के विरोध में वह सुबह ही लालकिले पर अपने दोस्तों के साथ पहुंच गए थे। वहां पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया और बवाना ले गई। उन्हें शाम 5 बजे छोड़ा गया। उनका कहना था कि पुलिस ने सिर्फ प्रदर्शन करने वालों को ही हिरासत में नहीं लिया, जो लोग प्रदर्शन नहीं कर रहे थे उन्हें भी हिरासत में लिया गया। उन्होंने बताया कि इसी तरह फोटोकॉपी की दुकान चलाने वाले एक शख्स को पुलिस ने हिरासत में लेकर उनके साथ रखा था। पुलिस को जो मिला, उसे गाड़ियों में भरा गया। प्रदर्शन में आईं ग्राफिक आर्टिस्ट गार्गी का कहना था कि यह कानून देश को दो भागों में बंटता है इसलिए इसका विरोध करना जरूरी है। थिअटर आर्टिस्ट अर्चना का कहना था कि वह इस कानून का विरोध करने मध्य प्रदेश से आई हैं। यह कानून देश के लिए बेहद खतरनाक है। जंतर मंतर पर देर शाम 8 बजे करीब धरना खत्म हो गया। अब प्रदर्शनकारी शुक्रवार को जामा मस्जिद के पास एकत्रित होकर इसका विरोध करेंगे।
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