Friday, January 10, 2020

निर्भया: बटर लगीं 12 रस्सी, फांसी के इंतजाम पूरे

नई दिल्ली तिहाड़ जेल में बंद निर्भया गैंगरेप के चारों दोषियों को बटर लगी रस्सियों से फांसी के तख्त पर लटकाया जाएगा। फांसी देने से ठीक एक दिन पहले 21 जनवरी को तमाम रस्सियों का फाइनल ट्रायल किया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक कैदी के वजन के हिसाब से उसकी डमी या फिर सैंड बैग को रस्सी पर लटकाकर देखा जाएगा। चारों को फांसी देने के लिए 12 रस्सियों का इंतजाम किया गया है। जेल के सूत्रों ने बताया कि फांसी देने के लिए वैसे एक ही रस्सी की जरूरत होगी, लेकिन हर दोषी के लिए बैकअप के तौर पर दो-दो रस्सियां रिजर्व में रखने का आदेश है, जिससे फांसी के वक्त अगर रस्सी धोखा दे जाती है तो दूसरी रस्सी से फांसी दी जाए। अगर दूसरी रस्सी भी टूट जाए तो तीसरी रस्सी का इस्तेमाल किया जाए। यह मजबूत होनी चाहिए। इसी मजबूती का परीक्षण करने के लिए 21 जनवरी को दोपहर बाद इन रस्सियों का फाइनल ट्रायल किया जाएगा। इसके बाद इन रस्सियों पर बटर लगाकर कड़ी सुरक्षा में लॉक कर दिया जाएगा। इन्हें अगले दिन 22 जनवरी तक चारों को फांसी पर लटकाए जाने तक कड़ा पहरा होगा। जेल अधिकारियों ने बताया कि चारों को फांसी देने के बाद आधे-आधे घंटे तक फंदे पर लटया जाएगा। माना जाता है कि फंदे पर इतने समय तक कोई भी शख्स जिंदा नहीं रह सकता। इसलिए फांसी देने के बाद आधे घंटे तक कैदी को लटकाए जाने का प्रावधान है। इसके बाद मौके पर उपस्थित आरएमओ को अगर लगता है कि किसी कैदी को और अधिक समय तक लटकाने की जरूरत है, तो ही उसे अधिक समय तक लटकाया जाएगा। वरना, डॉक्टर के मृत घोषित करने के बाद उसके शव को उतार दिया जाएगा। नहीं कर पाएंगे अंगदान 'निर्भया' गैंगरेप और हत्या मामले में फांसी की सजा पाए दोषियों से जेल में मुलाकात की एक एनजीओ की मांग को अदालत ने ठुकरा दिया। दोषियों को अंगदान के लिए मनाने की मांग से जुड़ी याचिका में अदालत को कोई मेरिट नहीं मिला। अडिशनल सेशन जज सतीश कुमार अरोड़ा ने एनजीओ रोड एंटी-करप्शन ऑर्गनाइजेशन (आरएसीओ) के संस्थापक राहुल शर्मा की याचिका खारिज कर दी। उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि याचिकाकर्ता का दोषियों से किसी भी कारण से मिलने का कोई आधार नहीं है।


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