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Sunday, January 5, 2020

दिल्‍ली: 5 घंटे तक जंग का मैदान बना रहा JNU

नई दिल्‍ली जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में हॉस्टल फीस का मुद्दा रविवार को बड़ी हिंसा में तब्दील हो गया। डंडे, रॉड, हॉकी, पत्थरों के साथ बाहर से आए हमलावर रविवार को यूनिवर्सिटी कैंपस में नजर आए और करीब 5 घंटे तक कई स्टूडेंट्स के साथ जमकर मारपीट की। जेएनयू स्टूडेंट्स यूनियन प्रेजिडेंट आईशी घोष समेत कई स्टूडेंट्स और टीचर्स तक पर हमला हुआ। सिर, हाथ, पैर की गंभीर चोटों के साथ कई स्टूडेंट्स को एम्स, एम्स ट्रॉमा सेंटर और सफदरजंग ले जाया गया। स्टूडेंट्स का आरोप है कि इस दौरान देरी से पुलिस कैंपस में पहुंची मगर उसने स्टूडेंट्स को बचाने की बजाय चुप रहकर एबीवीपी का साथ दिया। इस हिंसा में की प्रेजिडेंट आईशी घोष के सिर पर गंभीर चोट आई है। खून से लथपथ आईशी ने कहा, मास्क लगाए गुंडों ने बुरी तरह से मुझ पर हमला किया। आईशी के अलावा जेएनयू की टीचर सुचारिता शुक्ला और कई स्टूडेंट्स को काफी चोटें आई हैं। स्टूडेंट्स ने बताया कि करीब चार बजे वे शांति से प्रदर्शन कर रहे थे जिस दौरान एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने पत्थरबाजी शुरू कर दी। इसमें कुछ आम स्टूडेंट्स घायल हुए। इसके बाद साबरमती टी पॉइंट पर स्टूडेंट्स ने इमरजेंसी मीटिंग बुलाई। लड़कियों के हॉस्‍टल में घुस गए हमलावर यहां जेएनयू टीचर्स असोसिएशन ने शांति मार्च की अपील की। मगर शाम करीब छह बजे अचानक यहां बड़ी तादाद में मुंह को कवर किए लोग मार्च में घुस गए, उनके हाथों में डंडे, हॉकी और रॉड थे। इन्होंने स्टूडेंट्स और टीचर्स को जमकर पीटा। उनका आरोप है कि वे एबीवीपी के कार्यकर्ता थे और इनमें कई डीयू से भी थे। हमलावर स्टूडेंट्स के पीछे भागे, कई को पीटा। स्टूडेंट्स ताप्ती हॉस्टल पहुंचे, उनकी पीछे हमलावर भी भागे। स्टूडेंट्स ने बताया कि लड़कियों के हॉस्टल में हमलावर पहुंच गए और दरवाजे खटखटाने लगे। कई हॉस्टल में जमकर तोड़फोड़ की गई। स्टूडेंट्स का कहना है कि हमलावरों की संख्या 200 से ज्यादा थी। आरोप है कि अलग-अलग गेट से जेएनयू में पढ़ने वाले एबीवीपी के कार्यकताओं ने उन्हें एंट्री करवाई। स्टूडेंट्स ने सोशल मीडिया पर वॉट्सऐप ग्रुप की चैट भी शेयर की है, जिसमें कैंपस में घुसने और स्टूडेंट्स लीडर्स को पीटने का प्लान बनाया गया है। हालांकि, यह सही है या फेक, यह पता नहीं लगा है। एक स्टूडेंट का कहना है हमलावरों ने सुबह से तैयारी की थी, दिन में पेरियार हॉस्टल के पास ये लोग नजर भी आए। दिन में प्रशासन से भी शिकायत की गई, लेकिन रविवार का बहाना देते हुए कोई कार्रवाई नहीं की गई। हैरानी की बात है कि यहां पुलिस सुबह से ही मौजूद थी, लेकिन हमला होते ही यहां से चली गई। यूनियन और एबीवीपी दोनों ने लगाए आरोप स्टूडेंट्स यूनियन का आरोप है कि एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर रहे स्टूडेंट्स पर रॉड, डंडे, पत्थरों से हमला किया। वहीं, एबीवीपी के जेएनयू यूनिट की प्रेजिडेंट दुर्गेश कुमार का कहना है, लेफ्ट विंग और स्टूडेंट्स यूनियन जेएनयू के स्टूडेंट्स को नए सेमेस्टर के लिए रजिस्ट्रेशन नहीं करने दे रही है। 5 जनवरी यानी रविवार को रजिस्ट्रेशन की लास्ट डेट थी। विवेकानंद की मूर्ति के सामने हमारे कार्यकर्ता मांग कर रहे थे कि रजिस्ट्रेशन करने दिया जाए मगर बड़ी तादाद में लेफ्ट के स्टूडेंट्स ने पहुंचकर उन्हें पीटा और हॉस्टल में घुसकर भी पीटा। हमारे 15 कार्यकर्ता घायल हुए, कई को एम्स, सफदरजंग अस्पताल ले जाना पड़ा। हमारे 11 कार्यकर्ता गायब हैं। क्या है मसला जेएनयू में हॉस्टल फीस बढ़ोतरी को लेकर अक्टूबर से हड़ताल चल रही है। यूनिवर्सिटी की ओर से दो बार फीस घटाई गई है मगर यूटिलिटी चार्ज और सर्विस चार्ज में कमी नहीं की गई है। इस मसले को लेकर स्टूडेंट्स ने दिसंबर को सेमेस्टर एग्जाम का भी बायकॉट किया। वहीं, वीसी प्रफेसर जगदीश कुमार ने स्टूडेंट्स के नाम लेटर लिखकर कहा कि जनवरी में शुरू होने वाले सेमेस्टर के लिए रजिस्ट्रेशन 5 जनवरी तक कर लिया जाए। इसका विरोध स्टूडेंट्स यूनियन ने किया। इसके बाद ही लेफ्ट विंग से एबीवीपी के कार्यकर्ता भिड़ गए। शनिवार को भी कुछ स्टूडेंट्स पर हमले हुए, वहीं रविवार को यह मामला इतना बढ़ गया कि कैंपस में रॉड और डंडे चले और कई स्टूडेंट्स के साथ जमकर मारपीट की गई।


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