Pages

Sunday, January 5, 2020

अब इराक पर भड़के डॉनल्‍ड ट्रंप, कहा-हमें निकाला तो लगा देंगे कठोरतम प्रतिबंध

वाशिंगटन ईरानी जनरल कासिम सुलेमानी की हत्‍या के बाद विदेशी सेनाओं को वापस भेजने के इराकी संसद के फैसले पर अमेरिकी राष्‍ट्रपति भड़क उठे हैं। ट्रंप ने कहा कि अगर इराक ने अमेरिकी सेनाओं को वापस जाने के लिए बाध्‍य किया तो हम उसके खिलाफ इतने कठोर प्रतिबंध लगाएंगे जिसका उसने अब तक कभी सामना नहीं किया होगा। ट्रंप ने ईरान को भी चेतावनी दी और कहा कि अगर इस्‍लामिक देश ने हमला किया तो हम उसका बहुत 'जोरदार पलटवार' करेंगे। ट्रंप ने कहा, 'हमारा इराक में एक असाधारण और बेहद कीमती एयरबेस है। इसे बनाने में हमारा अरबो डालर खर्च हुआ है। हम उसे तब तक नहीं छोड़ने जा रहे हैं जब तक कि वे इस एयरबेस के बदले हमें पैसा नहीं दे देते हैं। अगर उन्‍होंने हमें यह हवाई अड्डा छोड़ने के लिए मजबूर किया तो हम उनके खिलाफ ऐसे कठोर प्रतिबंध लगाएंगे जिनका अब तक उन्‍होंने सामना नहीं किया गया होगा।' बता दें कि ट्रंप का इशारा बलाद सैन्‍य ठिकाने की ओर था जो उत्‍तरी बगदाद से 50 मील दूर है। इससे पहले इराक की संसद ने विदेशी सेनाओं को वापस लौटने के विधयेक के पक्ष में वोट किया था। यही नहीं इराकी संसद ने कहा था कि वह अमेरिका के नेतृत्‍व वाले अंतरराष्‍ट्रीय गठबंधन से अलग होगा। उधर, बगदाद में अमेरिकी दूतावास के पास लगातार दूसरे दिन रॉकेट हमले के बाद ट्रंप ने ईरान को एक बार फिर से धमकी दी। उन्‍होंने कहा कि अमेरिकी लोगों या ठिकानों पर किसी भी ईरानी हमले का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। कल्‍चरल साइट्स पर ट्रंप ने द‍िया जवाब ईरान के कल्‍चरल साइट्स पर हमले की धमकी को लेकर हो रही आलोचना पर ट्रंप ने कहा, 'उन्‍हें (ईरान) हमारे लोगों को मारने की अनुमति है। उन्‍हें हमारे लोगों को टार्चर करने की अनुमति है। उन्‍हें सड़क किनारे बम लगाने और हमारे लोगों को उड़ा देने की अनुमति है और हमें उनके कल्‍चरण साइट्स को छूने की अनुमति नहीं है? यह उस तरीके से काम नहीं करेगा।' गौरतलब है कि शनिवार रात को डॉनल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि यदि ईरान अमेरिकी जवानों या सम्पत्ति पर हमला करता है तो अमेरिका 52 ईरानी स्थलों को निशाना बनाएगा और उन पर ‘बहुत तेजी से और जोरदार हमला’ करेगा। ट्रंप ने अपने ट्वीट में कहा, '52 अंक उन लोगों की संख्या को दर्शाता है, जिन्हें एक साल से अधिक समय तक तेहरान में अमेरिकी दूतावास में 1979 में बंधक बनाकर रखा गया था।' ट्रंप ने यह भी कहा कि इनमें से कुछ स्थान ईरानी संस्कृति के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। ट्रंप के इस बयान की काफी आलोचना हुई थी और इसे युद्धापराध करार दिया गया था।


from America News in Hindi, अमेरिका समाचार, Latest America Hindi News, अमेरिका खबरें https://ift.tt/2tty3cu