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Monday, February 10, 2020

फैसले की घड़ी: AK की हैटट्रिक या खिलेगा कमल?

नई दिल्ली दिल्ली में विधानसभा चुनाव () में मंगलवार को (11 फरवरी) को वोटों की गिनती होगी और फाइनल परिणाम घोषित किए जाएंगे। मतगणना की कड़ी में सबसे पहले पोस्टल बैलेट की गिनती की जाएगी। सुबह आठ बजे से वोटों की गिनती शुरू हो जाएगी, 9 बजे से सीटों के रुझान आने शुरू हो जाएंगे। मतगणना के लिए केंद्रों की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गयी है। दिल्ली वालों के साथ देशभर के लोगों को इंतजार है कि आखिर दिल्ली में किसकी सरकार बनेगी। सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (आप) के सामने दोबारा से सरकार में आने की चुनौती है तो बीजेपी को उम्मीद है कि वह 20 साल के राजनीतिक वनवास को खत्म करके राज्य की सत्ता में लौटेगी। देखना दिलचस्प होगा कि लगातार 15 साल सरकार चला चुकी कांग्रेस के प्रति दिल्ली की जनता कितना भरोसा जताती है। जश्न के दौरान पटाखों से करें परहेज: सीएम केजरीवाल सभी एक्जिट पोल में आम आदमी पार्टी की प्रचंड जीत की भविष्यवाणी की गई है। ज्यादातर सर्वे एजेंसियों का अनुमान है कि 70 सीटों वाले विधानसभा में आम आदमी पार्टी 55 या इससे ज्यादा सीटें जीत सकती है। एक्जिट पोल देखकर आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता काफी उत्साह में दिख रहे हैं। इसी बीच दिल्ली विधानसभा चुनाव के परिणाम आने से पहले सोमवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं को जीत का जश्न मनाने के दौरान पटाखे न जलाने की नसीहत दी है। पार्टी पदाधिकारियों ने कहा कि मंगलवार को आने वाले चुनावी नतीजों के बाद जीत का जश्न मनाने की तैयारियां हो रही हैं लेकिन केजरीवाल ने कार्यकर्ताओं से पटाखे न जलाने को कहा है क्योंकि इससे प्रदूषण होता है। आईटीओ पर स्थित पार्टी मुख्यालय में जीत का जश्न मनाने के लिए मिठाइयां और नमकीन मंगाई गई हैं। बीजेपी को उम्मीद, गलत साबित होंगे एग्जिट पोल बीजेपी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी और वेस्ट दिल्ली से बीजेपी सांसद परवेश वर्मा ने दावा किया है कि सारे एग्जिट पोल गलत साबित होंगे। दोनों नेताओं ने दावा किया है कि दिल्ली की जनता ने बीजेपी के प्रति भरोसा जताया है और उनकी पार्टी पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने जा रही है। इस चुनाव में कांग्रेस पहले से ही अलग-थलग है। लगता है इस पार्टी के नेता पहले से ही हार मान चुके हैं। एग्जिट पोल आने के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी कह चुके हैं कि अगर आप की जीत होती है तो यह विकास की जीत होगी। भारतीय जनता पार्टी (BJP) की हार के साथ सांप्रदायिक अजेंडे खत्म हो जाएंगे। 62.59 फीसदी हुई थी वोटिंग मतदान के बाद 593 पुरूष उम्मीदवारों और 79 महिला प्रत्याशियों की राजनीतिक तकदीर ईवीएम में कैद है। मतदान के करीब 24 घंटे बाद चुनाव आयोग ने रविवार को घोषणा की कि अंतिम मतदान प्रतिशत 62.59 रहा जो 2015 की तुलना में पांच फीसद कम है। आयोग ने कहा था कि उसने आंकड़े संकलन की निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया। वहीं दूसरी ओर आप ने देरी को लेकर सवाल उठाए। सबसे पहले आएगा दिल्ली कैंट का रुझान सीईओ डॉ रणबीर सिंह ने बताया कि दिल्ली कैंट में सबसे कम 10 राउंड में वोटों की गिनती निपट जाएगी। माना जा रहा है कि दिल्ली कैंट का रूझान सबसे पहले आएगा। नई दिल्ली सीट पर 14 और पटपड़गंज सीट पर 15 राउंड में वोटों की गिनती होगी। शकूरबस्ती में 11, चांदनी चौक में 14, जंगपुरा और आरके पुरम में 13-13 राउंड में वोटों की गिनती होगी। करीब 13 हजार 800 ईवीएम में पड़ी वोटों की गिनती की जाएगी। बड़ी सीट पर 28 या इससे भी अधिक राउंड तक वोटों की गिनती होगी। शुरुआत में प्रत्येक राउंड में 20 से 25 मिनट का वक्त लगेगा। चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात चुनाव कार्यालय की ओर से बताया गया है कि 11 जिलों में से नॉर्थ-वेस्ट और नॉर्थ दिल्ली में चार-चार काउंटिंग सेंटर बनाए गए हैं। नॉर्थ-ईस्ट, साउथ, साउथ-वेस्ट और साउथ-ईस्ट दिल्ली में दो-दो काउंटिंग सेंटर बनाए गए हैं। सेंट्रल, ईस्ट, वेस्ट, नई दिल्ली और शाहदरा जिले में एक-एक काउंटिंग सेंटर बनाए गए हैं। नॉर्थ दिल्ली में दो काउंटिंग सेंटर ऐसे बनाए गए हैं, जहां एक-एक विधानसभा क्षेत्र की ही वोटों की गिनती की जाएगी। सभी काउंटिंग सेटरों पर पुलिस और पैरामिलिट्री के करीब आठ हजार जवान लगाए गए हैं। स्ट्रांग रूम में ईवीएम की दिन-रात निगरानी की जा रही है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस के जवान तैनात हैं। ईवीएम मंगलवार को अपने तय समय पर ही स्ट्रांग रूम से निकाली जाएंगी। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी रणबीर सिंह ने मतदान से एक दिन पहले कहा था कि सभी ईवीएमों का परीक्षण किया गया और वे फूलप्रुफ और छेड़छाड़ से परे हैं। एक्जिट पोलों में आप की आसान जीत का अनुमान लगाया गया है जो विकास के मुद्दे चुनाव में उतरी थी जबकि उसके प्रतिद्वंद्वी बीजेपी ने अपना प्रचार सीएए विरोध प्रदर्शन और राष्ट्रवाद के इर्द-गिर्द समेट रखा था। 22 साल बाद सत्ता में पहुंचने के लिए आतुर बीजेपी ने दिल्ली में आक्रामक प्रचार अभियान चलाया और खुद केंद्रीय गृह मंत्री ने हिंदुत्व और राष्ट्रवाद के मुद्दे पर अपनी पार्टी के प्रचार की अगुवाई की। मालूम हो कि 2015 में हुए विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने 70 में से 67 सीटें जीती थी, वहीं बीजेपी को महज तीन सोंटो सं संतोष करना पड़ा था। कांग्रेस का खाता भी नहीं खुला था। अगर इस बार आप की जीत होती है तो यह हैट्रिक होगी। अरविंद केजरीवाल पहली बार 2013 मेें 49 दिनों के लिए और दूसरी बार 2015 में पूरे पांच साल सरकार चला चुके हैं।


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