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Monday, May 25, 2020

कोविड-19: जानिए, किस डर की वजह से WHO ने Hydroxychloroquine पर लगाई रोक

जिनीवा विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना वायरस के इलाज में मलेरिया की दवा हॉइड्राक्सीक्लोक्वीन के क्लिनिकल ट्रायल पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी है। के इलाज के लिए दवा पर बैन लगाने के साथ ने कहा कि इसके एक्सपर्ट को अब तक के उपलब्ध सभी साक्ष्यों की समीक्षा करने की आवश्यकता है। डब्ल्यूएचओ ने बैन लगाने के साथ कहा है कि मलेरिया की दवा कोरोना मरीजों के इलाज के लिए इस्तेमाल न की जाए। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए के इस्तेमाल से कोरोना के मरीजों की मौत की संभावना बढ़ने के दावे के चलते एहतियात के तौर पर इसका इस्तेमाल रोक दिया गया है। संगठन के निदेशक डॉ. टेड्रॉस एडहॉनम गीब्रियेसुस ने इसके पीछे पिछले हफ्ते साइंस जर्नल लैंसेट में छपी रिपोर्ट का रिपोर्ट का हवाला दिया जिसके अनुसार, जो लोग हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन का सेवन कर रहे हैं उनमें मौत और दिल की बीमारियों का अधिक खतरा है। डेटा सेफ्टी मॉनिटरिंग बोर्ड अध्ययन करेगा उन्होंने आगे कहा कि इस दवा के सुरक्षित इस्तेमाल के बारे में डेटा सेफ्टी मॉनिटरिंग बोर्ड अध्ययन करेगा। साथ ही इस दवा से जुड़े दुनिया भर में हो रहे प्रयोगों का व्यापक विश्लेषण भी किया जाएगा। संगठन के निदेशक ने यह भी कहा कि हाइड्रॉक्सिक्लोरोक्वीन का इस्तेमाल मलेरिया और ऑटोइम्यून बीमारियों के इलाज के लिए प्रमाणित है। मीटिंग में क्लिनिकल ट्रायल को रोकने का फैसला लिया गया दरअसल कोरोना के मरीजों में हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्विन दवा को लेकर तमाम दावों के चलते इसके सुरक्षित इस्तेमाल को लेकर डब्ल्यूएचओ ने चिंता जताई है। स्टडी के सामने आने के बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन के सॉलिडेरिटी ट्रायल के एक्सिक्युटिव ग्रूप की एक बैठक हुई थी। 10 सदस्य देशों के प्रतिनिधियों वाले इस ग्रुप ने बैठक के बाद इस दवा से जुड़े क्लिनिकल ट्रायल को अस्थायी तौर पर स्थगित करने का फैसला किया। ट्रंप ने किया था दवा के सेवन का दावा बता दें कि बीते दिनों अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस दवा के सेवन का दावा किया था। उन्होंने कहा था कि वो कोरोना वायरस से बचाव के लिए हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन का सेवन कर रहे हैं। हालांकि अब तक इस बात के कोई प्रमाण नहीं मिले हैं कि ये दवा कोरोना वायरस के मरीज़ों के मामले में कितनी कारगर है। ट्रंप ने बताया था गेमचेंजर अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन को गेमचेंजर बताया था लेकिन बाद में डॉक्‍टरों को काफी निराशा हाथ लगी थी। ब्राजील के वैज्ञानिकों ने तो मलेरिया की इस दवा के इस्‍तेमाल पर ही रोक लगा दी थी। उन्‍होंने बताया कि जिन मरीजों को प्रयोग के तौर पर यह दवा दी गई, उनमें से एक चौथाई को हार्ट की दिक्‍कत आ गई। ब्राजील के राष्‍ट्रपति ने इस दवा को संजीवनी बूटी की संज्ञा देते हुए पीएम मोदी की हनुमान से तुलना की थी।


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