स्विट्जरलैंड (WHO) के वरिष्ठ अधिकारी माइकल जे रायन ने बुधवार को कहा कि कोरोना ( in World) दुनिया के उन वायरस की तर्ज पर हो सकता है, जो कभी नहीं जाएगा, जैसे कि एचआईवी (HIV)। डब्ल्यूएचओ हेल्थ इमर्जेंसीज प्रोग्राम ( health emergencies program) के एग्जिक्युटिव डायरेक्टर डॉ. रायन कहते हैं कि यह हमारे समुदाय में कभी न खत्म होने वाला वायरस बन सकता है, जो हो सकता है कभी न जाए। इस बात का भी हमें ध्यान रखना होगा कि एचआईवी भी कहीं नहीं गया है। रायन कहते हैं, 'मैं इन दो बीमारियों की तुलना नहीं कर रहा हूं लेकिन मैं सोचता हूं कि यह जरूरी है कि हम वास्तविकता को मानने वाले हों। मुझे नहीं लगता कि कोई इस बात की भविष्यवाणी कर सकता है कि कब और कैसे यह बीमारी गायब हो जाएगी।' डॉ. डेविड नैबोरो ने भी कही थी यही बात इससे पहले विश्व स्वास्थ्य संगठन में कोविड-19 के विशेष दूत डॉ.डेविड नैबोरो ने भी कहा था, 'सबसे बुरी स्थिति यह हो सकती है कि कभी कोई वैक्सीन ही न हो।' उन्होंने कहा कि लोगों की उम्मीदें बढ़ रही हैं और फिर खत्म हो रही हैं, क्योंकि आखिरी मुश्किलों से पहले ही कई समाधान फेल हो जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि चार दशकों से अब एचआईवी से 3.2 करोड़ लोगों की मौत हो चुकी है लेकिन दुनिया उसका वैक्सीन नहीं ढूंढ पाई है। वहीं, डेंगू की बात की जाए तो यह हर साल चार लाख लोगों को प्रभावित करता है। वहीं, कुछ देशों में 9-45 साल के लोगों के लिए डेंगू का वैक्सीन मौजूद है। अमेरिका में 24 घंटे, 1813 लोगों की मौत उधर, अमेरिका में और भयानक रूप लेता जा रहा है। यहां पिछले 24 घंटों में 1813 लोगों की इस महामारी की वजह से मौत हो गई है। इसके साथ ही जॉन्स हॉकिंस यूनिवर्सिटी के मुताबिक, यहां मरने वालों की कुल संख्या 84,059 पहुंच चुकी है। वहीं, भारत में अबतक इस संक्रमण से 78 हजार लोग संक्रमित हो चुके हैं।
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