Sunday, October 18, 2020

हो जाएं सावधान! इस हफ्ते प्रदूषण से हांफ सकते हैं दिल्ली-NCR

नई दिल्ली प्रदूषण इसी हफ्ते राजधानी और आसपास के इलाकों का दम घोंटना शुरू कर सकता है। मौसम पर नजर रखने वाली संस्था स्काईमेट ने बताया कि बुधवार-गुरुवार से हवाओं की स्पीड और तापमान कम होने लगेगा और पराली जलाने के बढ़ते मामलों से हवा बेहद खराब से लेकर गंभीर तक हो सकती है। स्मॉग की परत भी राजधानी को अपनी चपेट में ले सकती है। आमतौर पर अक्टूबर के आखिर में ऐसा दिखता है, लेकिन इस बार यह पहले शुरू हो सकता है। सफर एजेंसी के मुताबिक, इस मौसम में पंजाब-हरियाणा और आसपास के इलाकों में पराली जलाने के मामले पहली बार एक दिन में 1000 को पार कर चुके हैं। शनिवार को यह 1,230 दर्ज हुए। आने वाले समय में इसका धुआं बड़ा असर दिखा सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, इस समय उत्तर-पश्चिमी हवाएं अपने साथ पराली का धुआं ला रही हैं, लेकिन दिन के समय हवाओं की स्पीड अच्छी है, इसलिए प्रदूषण से कुछ राहत है। यही वजह है कि रविवार को दिल्ली में हवा की क्वॉलिटी बताने वाला सूचकांक (AQI) 254 रहा। दो-तीन दिन बाद हवाओं की रफ्तार कम होने और न्यूनतम तापमान गिरकर 15 डिग्री पहुंचेगा। तब हवा में ओस की बूंदे प्रदूषक तत्वों को सोख लेंगी और इससे स्मॉग की समस्या बढ़ेगी। ऑड-ईवन इस बार आसान नहीं इस बार प्रदूषण की हेल्थ इमरजेंसी में ऑड-ईवन लगाना आसान नहीं होगा। हेल्थ एक्सपर्ट और अधिकारियों के अनुसार, पहले ही सोशल डिस्टेंसिंग के बीच पब्लिक ट्रांसपोर्ट की काफी कमी है। ऑड-ईवन तभी लग सकती है, जब पब्लिक ट्रांसपोर्ट सभी को सुविधा देने को तैयार हो। प्रदूषण पर रोकथाम के लिए बनी कमिटी EPCA के चेयरमैन भूरेलाल ने बताया कि ऑड-ईवन तभी लगता है, जब हवा की क्वॉलिटी बताने वाला सूचकांक 500 से ऊपर हो। भूरेलाल ने कहा कि हम जानते हैं कि कोरोना के कारण पब्लिक ट्रांसपोर्ट की कमी है, लेकिन प्रदूषण की अनदेखी नहीं की जा सकती है। ऐसे में यदि स्मॉग की परत लंबे समय तक चली तो कुछ न कुछ सख्त कदम जरूर उठाने पड़ेंगे। बता दें, ऑड-ईवन पिछले दो सालों से लागू भी नहीं हो पाया है। जानकार कहते हैं कि छूट के साथ ऑड-ईवन लागू करने का फायदा नहीं है। केंद्रीय मंत्री की अपील, पास के काम के लिए पैदल चलें केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने रविवार को कहा कि देश में दो साल के अंदर प्रदूषणकारी 60 से 70 पावर प्लांटों की पहचान कर उन्हें बंद किया जाएगा। दिल्ली-एनसीआर में बदरपुर और सोनीपत के ऐसे पावर प्लांट पहले ही बंद हो चुके हैं। लोगों से फेसबुक लाइव से संवाद कर रहे जावड़ेकर ने कहा कि हमें नजदीक के काम के लिए ज्‍यादा से ज्‍यादा पैदल चलना चाहिए। थोड़ी दूर के लिए गाड़ी के इस्‍तेमाल से बचना चाहिए। इससे हम प्रदूषण कम करने में सहायक बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदूषण की समस्या को एक दिन में हल नहीं किया जा सकता है। प्रदूषण फैलाने वाले हर कारक से निपटने की लगातार जरूरत है। ई-वाहन लोकप्रिय हो रहे हैं। मैं खुद ई-वाहन इस्तेमाल करता हूं। मैं इसे अपने घर पर चार्ज करता हूं। मैं ई-स्कूटी भी चलाता हूं।


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