कई विकसित देश पेटेंट छूट संबंधी प्रस्ताव पर झिझक या इसके खिलाफ विचार रखते हैं, लेकिन पिछले महीने यह तब चर्चा का केंद्र बिंदु बन गया जब अमेरिका के बाइडन प्रशासन ने प्रस्ताव के प्रति समर्थन की घोषणा की।
जर्मनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम उजागर न करने की शर्त पर बृहस्पतिवार को संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमें नहीं लगता कि छूट मददगार होगी या यह कोई वास्तविक समस्या है, और इस बारे में कुछ भी नहीं बदला है।’’
अधिकारी ने कहा कि जिनेवा में विश्व व्यापार संगठन के साथ बात चल रही है और वे ‘‘प्रणाली के भीतर सुधार प्राप्त कर सकते हैं।’’
यह पूछे जाने पर कि क्या जर्मनी गरीब देशों को और अधिक टीके उपलबध कराने की घोषणा की योजना रखता है क्योंकि अमेरिका विश्व को 50 करोड़ टीके दान करने की घोषणा कर चुका है, अधिकारी ने कहा कि जर्मनी टीके साझा करने, कोवैक्स कार्यक्रम के माध्यम से खरीद के वित्तपोषण और निर्यात जैसे तीन मोर्चों पर ‘‘काफी कुछ’’ कर चुका है।
जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल ने पिछले महीने कहा था कि उनका देश इस साल के अंत तक गरीब देशों को तीन करोड़ टीके दान करने को तैयार है जो यूरोपीय संघ द्वारा दान किए जाने वाले 10 करोड़ टीकों का हिस्सा होगा।
टीके दान में देने का काम कब शुरू होगा, जर्मनी ने इस बारे में कुछ नहीं कहा है।
एपी
नेत्रपाल नरेश
नरेश
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June 11, 2021 at 12:33AM