मर्केल जर्मनी में करीब 16 साल से चांसलर के पद पर काबिज़ हैं लेकिन उन्होंने 26 सिंतबर को देश में होने वाले चुनाव में किस्मत नहीं आज़माने का फैसला किया है। जर्मन नेता अमेरिकी प्रशासन के साथ कोरोना वायरस महामारी, चीन का उभार और रूसी गैस पाइप लाइन पर चर्चा कर सकती हैं जिसका अमेरिका विरोध कर रहा है। उनका अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस और अन्य अमेरिका अधिकारियों के साथ मुलाकात करने का कार्यक्रम है।
बाइडन प्रशासन के एक अधिकारी ने मर्केल की यात्रा से पहले पत्रकारों को बताया था कि बाइडन मर्केल के साथ बातचीत के दौरान पाइपलाइन परियोजना को लेकर अपनी चिंताएं व्यक्त कर सकते हैं लेकिन व्हाइट हाउस दोनों नेताओं की बातचीत में किसी तरह की आधिकारिक घोषणा की उम्मीद नहीं कर रहा है। वहीं मर्केल के प्रवक्ता ने बुधवार को पुष्टि की थी कि दोनों नेताओं के बीच बातचीत में चीन का मुद्दा उठेगा।
जर्मनी के चीन के साथ मजबूत व्यापारिक रिश्ते हैं लेकिन वह चीन के मानवाधिकार उल्लंघन का आलोचक रहा है। मर्केल उस स्थिति से बचना चाहेंगी जिसमें जर्मनी या यूरोपीय संघ को चीन या अमेरिका में से किसी एक पक्ष का चुनना पड़े।
एपी
नोमान उमा
उमा
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July 16, 2021 at 01:10AM