बर्लिन ने कोराना वायरस के चीन के वुहान लैब से लीक होने की संभावना को पूरी तरह से खारिज करने से इनकार कर दिया। डब्लूएचओ चीफ ने माना है कि कोविड-19 महामारी और एक प्रयोगशाला लीक के बीच तार जुड़े होने की संभावना को खारिज करना जल्दबाजी होगी। दरअसल, चीन शुरू से ही कोरोना के लैब से लीक होने के दावों को खारिज करता रहा है। वहीं, अमेरिका और दूसरे देशों का मानना है कि कोरोना वायरस चीन की ही लैब से निकला है। चीन के खिलाफ डब्लूएचओ चीफ के विचार डब्लूएचओ के प्रमुख ने कहा कि वैज्ञानिकों के कोरोना वायरस के स्रोत का पता लगाने के बीच वह चीन से और अधिक पारदर्शिता बरतने को कह रहे हैं। इस मामले में शक्तिशाली सदस्य देशों से सामान्यत अलग राय रखने वाले डब्ल्यूएचओ महानिदेशक टेड्रोस अदहानोम गेब्रेयेसस ने अब रुख में बदलाव करते हुए कहा कि कोविड-19 के स्रोत का पता लगाने के लिए इस साल की शुरुआत में चीन गये अंतरराष्ट्रीय दल के लिए आंकड़े हासिल करना चुनौतीपूर्ण रहा था। चीन से और जानकारी मांग रहा डब्लूएचओ टेड्रोस ने कहा कि जिनेवा स्थित संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी चीन से उन सूचनाओं और आंकड़ों पर पारदर्शिता बरतने और सहयोग करने को कह रही है जो हमने महामारी के शुरुआती दिनों में मांगे थे। उन्होंने कहा कि इस बात को खारिज करने में जल्दबाजी दिखाई गयी कि वायरस वुहान में चीन सरकार की प्रयोगशाला से निकला है। उल्लेखनीय है कि डब्ल्यूएचओ ने मार्च माह में दी रिपोर्ट में कहा था कि वायरस प्रयोगशाला से निकलने की संभावना बहुत ही कम है। दुनिया को चीन के लैब से कोरोना के लीक होने का शक हाल के महीनों में इस विचार को बल मिला है कि वैश्विक महामारी संभवत प्रयोगशाला से निकली है और संभवत: वायरस को बनाया गया है। खासकर इसलिए भी क्योंकि राष्ट्रपति जो बाइडन ने मई में अमेरिका को प्राप्त खुफिया जानकारियों की समीक्षा इस आशंका के लिहाज से भी करने को कहा था। ज्यादातर वैज्ञानिकों को संदेह है कि कोरोना वायरस चमगादड़ों के जरिए पैदा हुआ है लेकिन यह मानव तक किसी तरह पहुंचा इस बारे में कुछ निश्चित नहीं पता चल पाया। मनुष्य में कोरोना वायरस संक्रमण का पहला मामला चीन के शहर वुहान में सामने आया था। 'प्रयोगशाला में क्या हुआ, यह देखना बहुत जरूरी' टेड्रोस ने कहा कि हमारी प्रयोगशालाओं में क्या हुआ यह देखना बहुत जरूरी है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वैश्विक महामारी का प्रयोगशाला से कोई संबंध है या नहीं। उन्होंने कहा कि हमें जानकारी चाहिए, सीधी जानकारी वैश्विक महामारी शुरू होने से पहले और बाद में इस प्रयोगशाला की स्थिति क्या थी। चीन का सहयोग बेहद महत्वपूर्ण है और यदि हमें पूरी जानकारी मिलती है तो हम प्रयोगशाला से संबंध की आशंका को खारिज कर सकते हैं।
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