बाइडन ने राष्ट्रीय सुरक्षा दल के साथ चर्चा के बाद यह फैसला लिया है। समयसीमा खत्म होने के बाद बलों के अफगानिस्तान में रहने पर होने वाले खतरों को भांपते हुए उन्होंने निकासी मिशन को अगले मंगलवार तक पूरा करने का विकल्प चुना है। 15 अगस्त को अफगानिस्तान पर तालिबान के नियंत्रण से बहुत पहले खुद बाइडन ने ही यह समयसीमा तय की थी।
अधिकारी ने बताया कि बाइडन ने अपने राष्ट्रीय सुरक्षा दल से समय सीमा थोड़ी बढ़ाने की जरूरत पड़ने की सूरत में आकस्मिक योजना तैयार रखने के लिये कहा है
तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्ला मुजाहिद ने मंगलवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि उनका समूह समयसीमा में विस्तार को स्वीकार नहीं करेगा।
इससे पहले, पेंटागन में रक्षा मंत्रालय के प्रेस सचिव जॉन किर्बी ने संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने तालिबान के प्रवक्ता द्वारा 31 अगस्त की समयसीमा पर दिए गए बयान देखे हैं। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है, हम सब उस विचार को समझते हैं। हमारा लक्ष्य ज्यादा से ज्यादा लोगों को जल्द से जल्द बाहर निकालना है। हालांकि, हमें खुशी है कि हम कल अधिक संख्या में लोगों को निकाल पाए लेकिन इस पर हम रुकने वाले नहीं हैं। हमारा ध्यान इस पर केंद्रित है कि महीने के अंत तक हम कितना अच्छा कर लेते हैं।”
एपी जोहेब नरेश
नरेश
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