प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने एक बयान में कहा कि दोनों नेताओं ने माना कि सबसे जरूरी प्राथमिकता अफगानिस्तान में फंसे हुए लोगों की स्वदेश वापसी है। उन्होंने द्विपक्षीय मुद्दों पर भी चर्चा की, जिसमें कोविड-19 टीकों में सहयोग, जलवायु और ऊर्जा पर ध्यान देने के साथ विकास सहयोग, व्यापार एवं आर्थिक संबंधों को बढ़ावा देना शामिल है।
मोदी ने ट्वीट किया, ‘‘आज शाम चांसलर मर्केल से बातचीत की और द्विपक्षीय, बहुपक्षीय और क्षेत्रीय मुद्दों के साथ ही अफगानिस्तान में हाल के घटनाक्रम पर चर्चा की। भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए हमारी प्रतिबद्धता को दोहराया।’’
पीएमओ के बयान में कहा गया है, ‘‘नेताओं ने अफगानिस्तान की सुरक्षा स्थिति और क्षेत्र तथा दुनिया पर इसके प्रभाव पर चर्चा की। उन्होंने शांति और सुरक्षा बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया, जिसमें सबसे जरूरी प्राथमिकता फंसे हुए लोगों की वापसी है।’’
बयान में कहा गया है कि दोनों नेताओं ने आगामी कॉप-26 बैठक और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में समुद्री सुरक्षा पर बातचीत को बढ़ावा देने की भारतीय पहल जैसे बहुपक्षीय हितों के मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।’’
उन्होंने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समावेशी सहयोग को बढ़ावा देने पर दोनों पक्षों के बीच दृष्टिकोण की समानता पर जोर दिया।
from Rest of Europe News in Hindi, बाकी यूरोप समाचार, Latest Rest of Europe Hindi News, बाकी यूरोप खबरें https://ift.tt/3kjHge8