Tuesday, November 30, 2021

नयी जानकारी से पता चलता है कि ‘ओमीक्रोन’ बचाव शुरू होने से काफी पहले व्यापक रूप से फैल गया

ब्रसेल्स, 30 नवंबर (एपी) कोरोना वायरस के ‘ओमीक्रोन’ स्वरूप के बारे में नए निष्कर्षों ने मंगलवार को यह स्पष्ट कर दिया कि यह उभरता हुआ खतरा देशों में बचाव शुरू होने से पहले ही व्यापक रूप से फैल गया, क्योंकि आज दो देशों ने अपने यहां पहले मामलों की पुष्टि की और तीसरे ने दक्षिण अफ्रीकी अधिकारियों के खतरे की घंटी बजाने से पहले ही इसकी उपस्थिति होने की सूचना दी।

नीदरलैंड के आरआईवीएम स्वास्थ्य संस्थान ने 19 और 23 नवंबर के नमूनों में ‘ओमीक्रोन’ मिलने की जानकारी दी।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा कि दक्षिण अफ्रीका ने सबसे पहले 24 नवंबर को संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी को इस स्वरूप के बारे में सूचना दी।

इस बीच, जापान और फ्रांस ने आज अपने यहां वायरस के नए स्वरूप से जुड़े पहले मामलों की सूचना दी जिसने सामान्य स्थिति में लौटने की दुनिया की उम्मीदों को एक बार फिर धूमिल कर दिया है और डर पैदा कर दिया है कि सबसे खराब समय आना अभी बाकी है।

यह स्पष्ट नहीं है कि नया स्वरूप पहली बार कहां या कब उभरा या यह कितना संक्रामक हो सकता है - लेकिन इसने देशों को यात्रा प्रतिबंध लगाने के लिए मजबूर कर दिया है, खासकर दक्षिण अफ्रीकी देशों से आने वाले लोगों पर। दक्षिण अफ्रीका ने इन कदमों की आलोचना की है और डब्ल्यूएचओ ने ऐसे कदमों के सीमित प्रभाव बताए हैं।

इस बीच, जर्मन अधिकारियों ने कहा कि उन्हें एक ऐसे व्यक्ति में ‘ओमीक्रोन’ संक्रमण मिला है जो न तो विदेश गया था और न ही किसी के संपर्क में था।

कोरोना वायरस के नए स्वरूप को लेकर आई इस नयी जानकारी ने दुनियाभर में अब एक अलग तरह की चिंता उत्पन्न कर दी है। हालांकि अनेक विशेषज्ञों ने डर को यह कहकर कम करने की कोशिश की है कि कोविड रोधी टीके अब भी महामारी के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार हैं।

एपी नेत्रपाल पवनेश

पवनेश



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