Pages

Wednesday, December 15, 2021

अमेरिका: फ्लॉयड की हत्या के मामले में चाउविन ने संघीय आरोप स्वीकार किए

सेंट पॉल (अमेरिका), 15 दिसंबर (एपी) मिनियापोलिस के पूर्व श्वेत पुलिस अधिकारी डेरेक चाउविन ने अश्वेत अमेरिकी जॉर्ज फ्लॉयड के नागरिक अधिकारों के उल्लंघन के संघीय आरोपों को बुधवार को स्वीकार कर लिया।

चाउविन के अपराध स्वीकार करने का अर्थ है कि उसे जनवरी में संघीय मुकदमे का सामना नहीं करना पड़ेगा, लेकिन सजा सुनाए जाने के दौरान उसे और अधिक वर्ष सलाखों के पीछे काटने पड़ सकते हैं।

गौरतलब है कि श्वेत पुलिसकर्मी चाउविन ने 25 मई, 2020 को अमेरिका के मिनियापोलिस की एक गली में फ्लॉयड को जमीन पर गिराकर उसकी गर्दन को अपने घुटने से नौ मिनट से अधिक समय तक दबाए रखा था, जिसके कारण उसकी मौत हो गई थी। फ्लॉयड ने उसे छोड़ने की गुहार लगाते हुए कहा था कि ‘‘मैं सांस नहीं ले पा रहा हूं’’, जिसे चाउविन ने अनेदखा कर दिया था। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद अमेरिका के कई हिस्सों में ‘ब्लैक लाइव्स मैटर’ (अश्वेतों का जीवन मायने रखता है) के बैनर तले बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे। कुछ विरोध प्रदर्शनों में हिंसा भी हुई थी। इसके बाद दुनिया के कई देशों में अश्वेत नागरिकों के अधिकारों को लेकर इस तरह के प्रदर्शन आयोजित किए गए।

चाउविन ने सितंबर में स्वयं को नागरिक अधिकारों के उल्लंघन के आरोपों के तहत निर्दोष बताया था, लेकिन बुधवार को पेशी के दौरान उसने आरोप स्वीकार कर लिए।

चाउविन को हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया था और उसे 22 साल छह महीने कैद की सजा सुनाई गई थी। इस साल की शुरुआत में तीन अन्य पूर्व अधिकारियों - थॉमस लेन, जे कुएंग और तो थाओ - को चाउविन के साथ संघीय आरोपों में अभ्यारोपित किया गया था। इन तीनों आरोपियों के खिलाफ जनवरी में सुनवाई होने की संभावना है।

चाउविन के खिलाफ संघीय आरोपों में दो अन्य आरोपों को शामिल गया। इनमें कहा गया था कि चाउविन ने फ्लॉयड की गर्दन पर घुटना रखकर उसे उसके अधिकारों से वंचित रखा क्योंकि उसके हाथ बंधे हुए थे और वह विरोध नहीं कर रहा था और इसके बाद उसे चिकित्सकीय सहायता भी मुहैया नहीं कराई गई।

मिनिसोटा में अच्छे व्यवहार वाले प्रतिवादी अपनी सजा का दो-तिहाई हिस्सा जेल में काटते हैं और शेष एक-तिहाई हिस्से के लिए उन्हें पैरोल पर रिहा किया जाता है। इस फॉर्मूले के तहत, इस बात की संभावना है कि चाउविन को जेल में 15 साल और पैरोल पर साढ़े सात साल की सजा काटनी पड़ेगी।

एपी

सिम्मी नरेश

नरेश



from America Ki Khabar: USA News in Hindi, अमेरिका समाचार, Latest America Hindi News, अमेरिका खबरें, USA Samachar https://ift.tt/3s5e6Vy