फ्रांसिस ने एक प्रताड़ित महिला के साथ टेलीविजन पर प्रसारित हुई अपनी बातचीत में यह टिप्पणी की। इस महिला ने हाल ही में घरेलू हिंसा के चलते अपने चार बच्चों के साथ अपना घर छोड़ दिया था। उनकी इस बातचीत को रविवार देर रात निजी मीडियासेट नेटवर्क के टीजी5 कार्यक्रम में प्रसारित किया गया। इसमें बेघर महिला, एक कैदी और एक छात्र के साथ फ्रांसिस की बातचीत के अंश भी शामिल थे।
प्रताड़ित महिला ने पोप को अपनी कहानी सुनाई और उनसे पूछा कि जब उसने और उसके बच्चों को इतनी हिंसा का सामना करना पड़ा है तो वह अपनी गरिमा कैसे पा सकती है।
फ्रांसिस ने बातचीत के दौरान घरेलू हिंसा की समस्या को स्वीकार किया जो नियमित रूप से इटली में सुर्खियों में रहती है।
पोप ने कहा, "मेरे लिए समस्या लगभग शैतानी है, अपमानजनक है, बहुत अपमानजनक है।"
उन्होंने यह भी कहा कि माता-पिता का बच्चे को थप्पड़ मारना भी "अपमानजनक" है। उन्होंने कहा, "मैं हमेशा यह कहता हूं: कभी भी किसी बच्चे को उसके चेहरे पर थप्पड़ न मारें। क्यों? क्योंकि आपका चेहरा ही आपकी शान है।"
प्रताड़ित महिला के सवाल का सीधा जवाब देते हुए फ्रांसिस ने उससे कहा कि उसने अपनी गरिमा बिलकुल भी नहीं खोई है।
एपी
नेत्रपाल दिलीप
दिलीप
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