Pages

Monday, December 13, 2021

Erdogan News: कट्टर इस्लाम की पैरोकारी एर्दोगन को पड़ी भारी? टर्किश लीरा में रिकॉर्ड गिरावट से अर्थव्यवस्था पर संकट

इस्तांबुल इस्लाम के नाम पर पाकिस्तान के साथ दोस्ती की कसमें खा रहे तुर्की की अर्थव्यवस्था डगमगाती हुई दिख रही है। राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन की जोखिम भरी नई आर्थिक नीति और दरों में कटौती की संभावनाओं के कारण सोमवार को डॉलर के मुकाबले 7 फीसदी तक गिर गई। पिछले एक साल से लीरा में जारी गिरावट के कारण तुर्की की अर्थव्यवस्था को तगड़ा झटका लगा है। इतना ही नहीं एफएटीएफ की निगरानी सूची में आने के कारण तुर्की को बाहरी निवेश लाने में भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। एक डॉलर की कीमत 13.83 लीरा तक पहुंची वर्तमान में एक डॉलर की कीमत 13.83 लीरा है। लीरा में लगातार अवमूल्यन के कारण तुर्की के केंद्रीय बैंक ने दो सप्ताह में अपने चौथे बाजार हस्तक्षेप की घोषणा की है। डॉलर की कीमत बढ़ने के कारण तुर्की के आयात-निर्यात और विदेशी मुद्रा भंडार पर भी नकारात्मक असर दिख रहा है। अर्थव्यवस्था में मुद्रास्फीति के बढ़ने के कारण आम जनता पर महंगाई का बोझ पड़ रहा है। वित्तमंत्री तक को हटा चुके हैं एर्दोगन लीरा के लगातार अवमूल्यन को रोकने में विफल होने के कारण एर्दोगन ने दिसंबर के शुरुआत में ही तुर्की के वित्तमंत्री को हटा दिया था। आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित एक घोषणा के अनुसार, एर्दोगनन ने नुरेद्दीन नेबाती को वित्त मंत्री बनाया है जो पहले उप मंत्री थे। इस साल की शुरुआत से अब तक तुर्की की मुद्रा का करीब 40 प्रतिशत अवमूल्यन हो चुका है। महंगाई के लिए ऊंची ब्याज दरों को दोष दे रहे एर्दोगन एर्दोगन ने लगातार तर्क दिया है कि ऊंची ब्याज दरों से महंगाई बढ़ती है जबकि पारंपरिक अर्थशास्त्र के हिसाब से यह उलट सोच है। राष्ट्रपति ब्याज दरों में अंतर के कारण 2019 से सेंट्रल बैंक के तीन गर्वनर को हटा चुके हैं। पिछले हफ्ते के आंकड़ों से पता चला है कि केंद्रीय बैंक का अंतरराष्ट्रीय भंडार गिरकर 22.47 अरब डॉलर हो गया है। ट्रेडवेब के आंकड़ों के अनुसार, तुर्की का सॉवरेन डॉलर बांड 2034 के अंक में 0.8 सेंट नीचे गिर गया। अमेरिकी पाबंदियों से तुर्की की अर्थव्यवस्था संकट में अमेरिका की पाबंदियों के कारण तुर्की की अर्थव्यवस्था इन दिनों संकट से गुजर रही है। जो बाइडेन ने अपने शपथग्रहण के बाद सबसे पहले तुर्की पर ही आर्थिक प्रतिबंधों का ऐलान किया था। तुर्की अमेरिका की अगुवाई वाले सैन्य संगठन नाटो का हिस्सा है। उसने रूस से एस-400 वायु रक्षा प्रणाली की खरीद की है। तुर्की ने इस प्रणाली का परीक्षण किया है, जिसके बाद अमेरिका ने तुर्की के ऊपर आर्थिक पाबंदियां लगा दी थी। एर्दोगन का पाकिस्तान प्रेम किसी से छिपा नहीं तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगन का पाकिस्तान प्रेम किसी से छिपा हुआ नहीं है। एर्दोगन पाकिस्तान और चीन की सहायता से खुद को इस्लामिक देशों का नया खलीफा बनाने की कोशिश कर रहे हैं। यही कारण है कि वह आए दिन भारत के खिलाफ जहर उगलते रहते हैं। पिछले साल जब संयुक्त राष्ट्र महासभा का आयोजन किया गया था, तब एर्दोगन ने कश्मीर मुद्दा उठाते हुए इसपर पाकिस्तान का हक बताया था।


from Rest of Europe News in Hindi, बाकी यूरोप समाचार, Latest Rest of Europe Hindi News, बाकी यूरोप खबरें https://ift.tt/3m1Hubf