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Friday, January 21, 2022

यूक्रेन संकट के बीच अमेरिका और रूस के विदेश मंत्रियों ने वार्ता की

जिनेवा, 21 जनवरी (एपी) अमेरिका और रूस ने यूक्रेन को लेकर जारी संकट के बीच शुक्रवार को महत्वपूर्ण वार्ता कर तनाव कम करने की कोशिश की। हालांकि, दोनों देशों के नेताओं ने कहा कि अभी वार्ता के जरिए कोई समाधान नहीं निकला है।

अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन और रूस के विदेश मंत्री सर्गेइ लावरोव ने यूक्रेन पर रूस के संभावित हमले की आशंका को टालने के मकसद से जिनेवा में यह वार्ता की। अमेरिका ने इस वार्ता को ‘महत्वपूर्ण क्षण’ बताया है।

यूक्रेन की सीमा के पास करीब एक लाख रूसी सैनिकों के जमावड़े से आशंका है कि रूस हमले की तैयारी कर रहा है लेकिन उसने इससे इनकार किया है। अमेरिका और उसके सहयोगी देश किसी भी संभावित हालात से निपटने के लिए समन्वित कार्रवाई या कठोर जवाब के प्रति रूस को आगाह कर रहे हैं।

ब्लिंकन ने वार्ता के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमें आज कोई बड़ी सफलता मिलने की उम्मीद नहीं थी, लेकिन मेरा मानना है कि अब हम एक दूसरे की स्थिति को समझने के लिए एक स्पष्ट रास्ते पर हैं।’’

ब्लिंकन ने कहा कि लावरोव ने रूस के रुख को दोहराया कि यूक्रेन पर आक्रमण करने की कोई योजना नहीं है, लेकिन साथ ही कहा कि अमेरिका और उसके सहयोगी इस बारे में आश्वस्त नहीं हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हम वही देख रहे हैं कि जो सब को दिख रहा है। कथनी और करनी में साफ अंतर दिखता है।’’

इस बीच, लावरोव ने वार्ता को ‘‘रचनात्मक और सार्थक’’ बताया और कहा कि अमेरिका अगले सप्ताह यूक्रेन और नाटो पर रूस की मांगों पर लिखित प्रतिक्रिया देने के लिए सहमत है। यह कम से कम कुछ दिनों के लिए किसी भी आसन्न हमले में देरी कर सकता है।

लावरोव ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैं यह नहीं कह सकता कि हम सही रास्ते पर हैं या नहीं। हम तभी मानेंगे जब हमें हमारे सभी प्रस्तावों पर अमेरिका का लिखित जवाब मिलेगा।’’

रूस की मांग है कि नाटो के (उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन) सहयोगी वादा करें कि समूह में यूक्रेन को कभी शामिल नहीं किया जाएगा। रूस यह भी चाहता है कि नाटो के देश पूर्वी यूरोप के विभिन्न हिस्सों से सैनिकों और सैन्य साजो-सामान को हटाए।

अमेरिका और नाटो के उसके सहयोगियों ने इन मांगों को खारिज कर दिया है। ब्लिंकन ने शुक्रवार को वार्ता के पहले भी रूस को आगाह किया था। उन्होंने कहा कि अमेरिका और उसके सहयोगी कूटनीति के रास्ते पर चलने के लिए प्रतिबद्ध हैं, लेकिन यह भी प्रतिबद्धता है कि ‘‘अगर ऐसा करना असंभव साबित होता है और रूस यूक्रेन के खिलाफ आक्रामकता दिखाने का फैसला करता है तो एकजुट, त्वरित तथा गंभीर कार्रवाई की जाएगी।

एपी आशीष देवेंद्र

देवेंद्र



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