इस रस्मी राष्ट्राध्यक्ष पद पर दूसरे कार्यकाल के लिए उनके नाम पर मुख्य धारा के ज्यादातर राजनीतिक दलों ने मुहर लगा दी।
जर्मनी की संसद के निचले सदन के सदस्यों तथा 16 प्रांतों के प्रतिनिधियों से बनी विशेष एसेंबली द्वारा बड़े बहुमत से स्टीनमीयर को दूसरे कार्यकाल के लिए राष्ट्रपति चुना गया।
निर्वाचित होने के बाद विशेष एसेम्बली में अपने संबोधन में स्टीनमीयर ने कहा, ‘‘ मेरी जिम्मेदारी उन सभी लोगों के प्रति है जो इस देश में रहते हैं। दलीय भावना से ऊपर उठकर , हां-- लेकिन जब लोकतंत्र की बात आती है तो मैं तटस्थ नहीं हूं। जो भी लोकतंत्र के लिए लड़ेगा वह अपने साथ मुझे पाएगा। जो भी उसपर हमला करेगा, वह मुझे विरोधी के रूप में देखेगा।’’
वर्ष 2017 में राष्ट्रपति बनने से पहले वह एंजेला मर्केल के चांसलर रहने के दौरान विदेश मंत्री थे। उससे पहले वह चांसलर ग्रेहार्ड स्क्रोडर के चीफ ऑफ स्टाफ थे।
जर्मनी में राष्ट्रपति के पास कार्यकारी शक्तियां तो नहीं हैं लेकिन वह एक अहम नैतिक प्राधिकार होते हैं।
एपी राजकुमार नरेश
नरेश
from Rest of Europe News in Hindi, बाकी यूरोप समाचार, Latest Rest of Europe Hindi News, बाकी यूरोप खबरें https://ift.tt/gT8qyJk