पोलैंड की संवैधानिक अदालत ने अक्टूबर में फैसला सुनाया था कि पोलिश कानूनों का यूरोपीय संघ के उन क्षेत्रों पर वर्चस्व है जहां संघर्ष की स्थिति है। जब देश यूरोपीय संघ में शामिल होते हैं, तो उन्हें अपने कानूनों को ईयू के नियमों के अनुरूप लाना होगा। पोलैंड 2004 में ईयू में शामिल हुआ था।
अपनी कानूनी कार्रवाई शुरू करते हुए, यूरोपीय संघ की कार्यकारी शाखा, यूरोपीय आयोग ने कहा कि वह इस साल संवैधानिक न्यायाधिकरण के दो फैसलों को ‘‘ईयू कानून की प्रधानता को स्पष्ट रूप से चुनौती देने’’ के रूप में देखता है। आयोग ने अदालत की वैधता पर भी संदेह जताया।
इस कदम की घोषणा करते हुए, अर्थव्यवस्था के लिए यूरोपीय आयुक्त पाओलो जेंटिलोनी ने कहा कि ये निर्णय यूरोपीय संघ के न्याय न्यायालय के फैसलों के बाध्यकारी प्रभाव के सामान्य सिद्धांतों का उल्लंघन हैं।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘यूरोपीय संघ मूल्यों और कानून का एक समुदाय है और संधियों के तहत यूरोपीय लोगों के अधिकारों की रक्षा की जानी चाहिए, चाहे वे संघ में कहीं भी रहते हों।’’
एपी देवेंद्र पवनेश
पवनेश
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