ब्रिटेन की शीर्ष राजनयिक ने अपने रूसी समकक्ष के साथ वार्ता की है, जिन्होंने कहा कि क्रेमलिन (रूसी राष्ट्रपति कार्यालय) पश्चिमी देशों के ‘लेक्चर’ नहीं सुनेगा।
इसबीच,यूक्रेन के उत्तर में स्थित बेलारूस में रूसी सैनिकों की सैन्य गतिविधियां देखने को मिली। वहीं, यूक्रेन की सीमा के पास रूस के एक लाख से अधिक सैनिकों का जमावड़ा है।
इस बीच, बृहस्पतिवार को ब्रिटिश रॉयल एयर फोर्स का एक लड़ाकू विमान 350 सैनिकों को लेकर पोलैंड में उतरा।
जॉनसन ने ब्रसेल्स में उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) मुख्यालय में कहा, ‘‘पिछले कुछ दशकों में यूरोप द्वारा सामना किये गये सबसे बड़े सुरक्षा संकट में यह संभवत: सर्वाधिक खतरनाक क्षण है। ’’
जॉनसन बाद में पोलैंड के प्रधानमंत्री से मिलने पहुंचे। जॉनसन ने कहा कि उनका मानना है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अब तक यह निर्णय नहीं लिया है कि यूक्रेन के साथ क्या किया जाएगा।
नाटो महासचिव जेंस स्टोल्टेनबर्ग ने कहा कि उन्होंने रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव को एक पत्र भेज कर यूरोपीय सुरक्षा बढ़ाने पर सिलसिलेवार वार्ता का न्योता दिया है।
लावरोव ने ब्रिटिश विदेश मंत्री लिज ट्रस के साथ मास्को में अपनी वार्ता के दौरान सख्त लहजे का इस्तेमाल किया। दरअसल, लिज ने एक बार फिर रूस को चेतावनी दी कि अपने पड़ोस में हमला करने के गंभीर अंजाम होंगे और इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।
लावरोव ने रूसी सैनिकों के जमावड़े के बारे में पश्चिमी देशों की चिंताओं को खारिज कर दिया और कहा कि मास्को ‘लेक्चर’ नहीं सुनेगा।
एपी सुभाष उमा
उमा
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