Tuesday, February 15, 2022

Russia Troops Withdraw: हमें सुनने पर नहीं, देखने पर विश्वास...रूसी सैन्य टुकड़ियों की वापसी पर क्या-क्या बोला यूक्रेन?

कीव: रूस और यूक्रेन में युद्ध () जैसे हालात के बीच आज एक अच्छी खबर आई। रूसी रक्षा मंत्रालय ने बताया कि यूक्रेनी सीमा पर तैनात कुछ सैन्य टुकड़ियां (Russia Troops Withdraw) वापस अपने बेस की ओर लौट रही हैं। अब रूस के इन दावों पर यूक्रेन () ने प्रतिक्रिया दी है। यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्री कलेवा () ने कहा कि हम सुनी-सुनाई बातों पर यकीन नहीं करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यूक्रेन (Russia Ukraine Talks) अपने सहयोगियों के साथ कूटनीतिक रास्ते पर चल रहा है, उससे तनाव को आगे बढ़ने से रोकने में मदद मिल रही है। इससे पहले खबर आई थी कि रूस ने यूक्रेन को तीन तरफ से घेर लिया है। रूसी सेना के करीब 1 लाख 30 हजार सैनिक यूक्रेन की सीमाओं पर अलग-अलग जगह भारी हथियारों के साथ तैनात हैं। अमेरिका ने तो यहां तक दावा किया था कि रूस 16 फरवरी को यूक्रेन पर हमला बोल सकता है। यूक्रेनी विदेश मंत्री बोले- हमें आंखों से देखने पर यकीन यूक्रेनी विदेश मंत्री दिमित्री कलेवा ने सीमा से रूसी सेना की कुछ टुकड़ियों की वापसी पर कहा कि यूक्रेन में हमारा एक नियम है: हम जो सुनते हैं उस पर विश्वास नहीं करते, हम जो देखते हैं उस पर विश्वास करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर इन बयानों के बाद सैनिकों की वास्तव में वापसी होती है तो हम इसे एक वास्तविक डी-एस्केलेशन की शुरुआत मानेंगे। उधर रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने भी संकेत दिया है कि मास्को इस संकट का कारण रही सुरक्षा शिकायतों के बारे में बातचीत जारी रखने को तैयार है। लावरोव ने कहा कि बातचीत अनिश्चितकाल तक नहीं चल सकती, लेकिन मैं इन्हें जारी रखने और व्यापक रूप देने का सुझाव दूंगा। जिसके बाद रूस-यूक्रेन के बीच तनाव कम होने के आसार जताए जा रहे हैं। रूसी रक्षा मंत्रालय ने सैनिकों के लौटने का ऐलान किया रूस के रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को घोषणा की कि सैन्य अभ्यासों में भाग ले रही सेना की कुछ टुकड़ियां अपने अड्डे पर लौटना शुरू कर देंगी। इसे रूसी राष्ट्रपति कार्यालय क्रेमलिन के तनाव घटाने के एक अन्य संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि ये सैनिक कहां पर तैनात हैं या कितने सैनिक लौट रहे हैं तथा यह खबर पश्चिमी अधिकारियों द्वारा यह कहे जाने के एक दिन बाद आई है कि कुछ सैनिक और सैन्य साजो-सामान सीमा की ओर बढ़ रहे हैं। रूस ने यूक्रेन की सीमा के पास एक लाख 30 हजार सैनिकों को जुटा रखा है, जिससे मास्को के आक्रमण करने की आशंका पैदा हुई है। अमेरिका समेत कई देशों ने किया रूस के फैसले का स्वागत अमेरिका सहित पश्चिमी देशों ने रूस के इस रुख का स्वागत किया है। व्हाइट हाउस की प्रिंसिपल डिप्टी प्रेस सेक्रेटरी कारीन जीन-पियरे ने कहा कि अगर रूस रचनात्मक वार्ता में शामिल होने का विकल्प चुनता है तो कूटनीति का रास्ता उपलब्ध हैं। उधर जर्मन चांसलर ओलाफ शॉल्त्स सोमवार को यूक्रेन पहुंचे और यहां से उनकी योजना मॉस्को जाने और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिलने की है। वहीं, पोलैंड के विदेश मंत्री ज्बीगनीउ राउ भी लावरोव से मिलने के लिए मंगलवार को रूस में हैं, जबकि यूक्रेन के विदेश मंत्री ने अपने इतालवी समकक्ष के साथ वार्ता की है। यूक्रेन पर रूस के हमले की चेतावनी दे रहे पश्चिमी देश ऐसे में जब अमेरिका इस बात से सहमत है कि अब भी एक कूटनीतिक रास्ता निकल सकता है। इसके बावजूद अमेरिका, ब्रिटेन और अन्य सहयोगी देश लगातार यह चेतावनी दे रहे हैं कि रूसी सैनिक किसी भी क्षण यूक्रेन की ओर बढ़ सकते हैं। हालांकि, रूस ने इस बात से इनकार किया है कि यूक्रेन पर आक्रमण करने की उसकी कोई योजना है, जबकि वह यूक्रेन की सीमा पर उत्तर, दक्षिण और पूर्व दिशा से सैनिक जमा कर रहा है तथा पास में बड़े सैन्य अभ्यास कर रहा है।


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